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Friday the 13th: अंधविश्वास और रहस्यों से भरे इस डरावने दिन पर इंटरनेट क्या कह रहा है?

On: September 13, 2024 1:41 PM
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Friday the 13th: What is the internet saying about this scary day full of superstitions and mysteries?
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शुक्रवार का दिन अक्सर लोगों के लिए एक राहत भरा दिन होता है, क्योंकि यह हफ्ते के अंत का संकेत देता है। लोग इस दिन का इंतजार करते हैं ताकि वे अपने सप्ताहांत की शुरुआत कर सकें। लेकिन जब यह शुक्रवार तेरहवें तारीख पर पड़ता है, तो इसे लेकर कई लोगों के मन में डर और अंधविश्वास की भावना उत्पन्न हो जाती है। शुक्रवार 13वीं तारीख को कई लोग अशुभ मानते हैं और इसे अंधविश्वास से जोड़ते हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इस दिन को लेकर खासा हंगामा रहता है, जहां लोग इस तारीख को लेकर मीम्स, जोक्स और कई प्रकार के पोस्ट शेयर करते हैं।

शुक्रवार 13 का इतिहास और धार्मिक मान्यताएं

शुक्रवार और 13 की तारीख का संयोजन क्यों इतना डरावना माना जाता है, इसके पीछे कई धार्मिक और ऐतिहासिक मान्यताएं जुड़ी हैं। प्राचीन समय से लेकर अब तक कई संस्कृतियों में 13 नंबर को अशुभ माना गया है। ईसाई धर्म में भी इस संख्या को दुर्भाग्यपूर्ण माना गया है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ‘लास्ट सपर’ में यीशु मसीह के साथ 13 लोग मौजूद थे और अगली सुबह ही उनका क्रूस पर चढ़ाया जाना हुआ।

शुक्रवार का दिन भी धार्मिक मान्यताओं में खासा महत्व रखता है। कुछ परंपराओं में शुक्रवार को अशुभ दिन माना जाता है। जैसे, यीशु मसीह को शुक्रवार के दिन सूली पर चढ़ाया गया था। इसके अलावा, नॉर्स मिथोलॉजी में फ्रिगा (शुक्रवार की देवी) के साथ भी इसे जोड़ा जाता है। यह सब मिलकर इस दिन को अशुभ और रहस्यमय बनाते हैं।

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‘फ्रिग्गाट्रिस्काइडेकाफोबिया’ का डर

“फ्रिग्गाट्रिस्काइडेकाफोबिया” एक ऐसा शब्द है जो उन लोगों के डर को वर्णित करता है जो शुक्रवार के दिन तेरहवीं तारीख से घबराते हैं। यह शब्द “फ्रिग्गा” (शुक्रवार की नॉर्स देवी) और “ट्रिस्काइडेकाफोबिया” (13 संख्या का डर) से मिलकर बना है। ऐसे लोगों को इस दिन सामान्य से अधिक सतर्क देखा जा सकता है, क्योंकि वे इसे दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं।

सोशल मीडिया पर मीम्स और जोक्स की भरमार

इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस युग में, शुक्रवार 13वीं तारीख का उल्लेख आते ही ट्विटर (अब एक्स), इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया साइट्स पर हंसी-मजाक और मीम्स की बाढ़ आ जाती है। खासकर ट्विटर पर, लोग इस दिन को लेकर अपनी चिंताओं को मीम्स और जोक्स के जरिये हल्का करते हैं। कई यूजर्स इस दिन को मजाक के रूप में लेते हुए विभिन्न प्रकार के मीम्स पोस्ट करते हैं। इनमें कई पोस्ट हास्यास्पद होते हैं, जो इस दिन की गंभीरता को हल्का करते हैं। जैसे, “अगर आज आप भाग्यशाली हैं तो कहीं न कहीं आपके रास्ते में एक काली बिल्ली मिल जाएगी!”

अशुभ या महज एक अंधविश्वास?

शुक्रवार 13 का डर कुछ लोगों के लिए एक मजाक का विषय होता है, जबकि अन्य इसे गंभीरता से लेते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह दिन सच में दुर्भाग्य लाता है और इस दिन उन्हें कुछ गलत होने का डर रहता है। वे इस दिन महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचते हैं, यात्रा से दूरी बनाते हैं या किसी नए काम की शुरुआत से परहेज करते हैं। वहीं दूसरी ओर, कई लोग इस दिन को सिर्फ अंधविश्वास मानते हैं और इसे नजरअंदाज कर देते हैं।

हालांकि, वास्तविकता यह है कि शुक्रवार 13 के दिन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के पीछे कोई ठोस प्रमाण नहीं है। यह एक संयोग है कि कुछ घटनाएँ इस दिन घटित हुई हैं, लेकिन इसे दुर्भाग्य से जोड़ना महज एक अंधविश्वास है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो इस दिन और किसी प्रकार के अनहोनी के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है।

पॉप कल्चर में ‘Friday the 13th’

शुक्रवार 13वीं तारीख ने पॉप कल्चर में भी अपनी एक खास जगह बना ली है। इस दिन को लेकर कई हॉरर फिल्में और किताबें बनाई गई हैं। ‘फ्राइडे द 13थ’ नामक हॉरर फिल्म सीरीज काफी लोकप्रिय रही है, जिसमें एक काल्पनिक हत्यारा, जेसन वूरहीस, का चरित्र दिखाया गया है। यह फिल्म 1980 में रिलीज हुई थी और तब से इसने इस दिन को लेकर लोगों की धारणाओं को और भी भयानक बना दिया है।

इसके अलावा, टीवी शोज और किताबों में भी इस दिन को रहस्यमयी और डरावना दिखाया गया है, जो इस दिन के डर को और बढ़ाता है।

शुक्रवार 13: अनूठी घटनाएं और मान्यताएं

शुक्रवार 13 को लेकर कुछ घटनाएं भी इस अंधविश्वास को और भी बढ़ावा देती हैं। कई लोग मानते हैं कि इस दिन बड़ी दुर्घटनाएं और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ होती हैं। उदाहरण के तौर पर, 13 अक्टूबर 1972 को उरुग्वे की एक फ्लाइट एंडीज पर्वत में क्रैश हो गई थी। इसी प्रकार, 13 नवंबर 1829 को अमेरिका में एक बड़ा बवंडर आया था, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था।

कई लोग इस दिन कोई नया काम शुरू करने से बचते हैं। वहीं, कुछ लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकलते या बड़े फैसले नहीं लेते। कुछ लोग इस दिन यात्रा करने से भी कतराते हैं। इन्हें लगता है कि इस दिन किसी प्रकार की दुर्घटना हो सकती है। लेकिन, यह सब महज संयोग है और इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं है।

इंटरनेट का नजरिया: मज़ाक या मान्यता?

आज के दौर में, जहां लोग पहले से ज्यादा वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हैं, वहीं शुक्रवार 13 को लेकर अंधविश्वास और मान्यताओं में कमी आई है। हालांकि, यह दिन सोशल मीडिया पर हंसी-मजाक और मीम्स का मुख्य केंद्र बना रहता है। लोग अपनी चिंताओं को हल्का करने के लिए इस दिन को लेकर मजाक करते हैं और इसे हल्के में लेते हैं।

ट्विटर पर इस दिन को लेकर कई मजेदार मीम्स देखे जा सकते हैं। जैसे, “अगर आप आज तेरहवीं मंजिल पर हों, तो जल्दी से नीचे आ जाइए!” या “शुक्रवार 13 का मतलब है कि आज आपकी किस्मत भी छुट्टी पर है।”

क्या इस दिन वाकई दुर्भाग्य होता है?

इस सवाल का जवाब देना थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि यह पूरी तरह से लोगों के विश्वास और उनके व्यक्तिगत अनुभव पर निर्भर करता है। कई लोगों के लिए यह दिन बिना किसी विशेष घटना के गुजर जाता है, जबकि कुछ लोग इसे अंधविश्वास और डर से जोड़कर देखते हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, इस दिन का दुर्भाग्य से कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह से अंधविश्वास और प्राचीन मान्यताओं पर आधारित है।

शुक्रवार 13 एक ऐसा दिन है जो कई लोगों के लिए डर और रहस्य से भरा होता है, लेकिन यह भी सच है कि आज के दौर में लोग इसे अधिक हल्के और मजेदार नजरिए से देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस दिन को लेकर हंसी-मजाक और मीम्स की भरमार रहती है, जो इस दिन की गम्भीरता को कम कर देती है।

हालांकि कुछ लोग अब भी इस दिन को अंधविश्वास से जोड़ते हैं और इससे डरते हैं, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह दिन किसी भी अन्य सामान्य दिन की तरह ही है। महत्वपूर्ण यह है कि हम अंधविश्वासों से बाहर आकर इस दिन को सामान्य तरीके से लें और बिना किसी डर या भय के अपने कार्यों को पूरा करें।

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Gunvant

गुणवंत एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो सटीक और रोचक खबरें प्रस्तुत करने में माहिर हैं। समसामयिक मुद्दों पर उनकी गहरी समझ और सरल लेखन शैली पाठकों को आकर्षित करती है। साथ ही वे क्रिकेट में अपनी रूचि रखते है। गुणवंत का लक्ष्य समाज को जागरूक और प्रेरित करना है। वे हमेशा निष्पक्षता और सच्चाई को प्राथमिकता देते हैं।

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