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RSS पर गंभीर आरोप: जयपुर प्रदर्शन में हमले के बाद बोले CJP संस्थापक अभिजीत दिपके – “यह कोई नई बात नहीं”

On: June 16, 2026 11:15 AM
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CJP Abhijeet Dipke founder blames RSS
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जयपुर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए कथित हमले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिपके ने कहा कि उन पर हुआ हमला कोई नई घटना नहीं है और वे लंबे समय से ऐसे विरोध का सामना करते आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हमले में शामिल लोग RSS से जुड़े हुए थे।

मंगलवार को जयपुर से नागपुर पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए दिपके ने कहा कि इस तरह की घटनाएं उनकी पार्टी के अभियान को रोक नहीं सकतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से प्रेरित है और अहिंसक विरोध में विश्वास रखती है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, जयपुर में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके और उनके समर्थकों के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और हमला किया गया। घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और विभिन्न संगठनों की ओर से इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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हालांकि पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है और अभी तक हमलावरों की पहचान को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसके बावजूद दिपके ने सार्वजनिक रूप से RSS का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि यह हमला संगठित तरीके से किया गया।

उन्होंने कहा, “हमारे खिलाफ इस तरह के प्रयास पहले भी किए गए हैं। यह कोई नई बात नहीं है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं और अपना आंदोलन जारी रखेंगे।”

“हम गांधी और आंबेडकर के अनुयायी हैं”

अभिजीत दिपके ने अपने बयान में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं देगी। उन्होंने कहा कि CJP के कार्यकर्ता महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों तथा डॉ. बी.आर. आंबेडकर के सामाजिक न्याय के विचारों से प्रेरित हैं।

दिपके ने कहा, “हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हैं। अगर कोई हमें डराने या दबाने की कोशिश करता है, तो इससे हमारा संकल्प और मजबूत होगा।”

उनका कहना था कि विरोध और असहमति लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और किसी भी संगठन या व्यक्ति को हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए।

RSS पर लगाए गए आरोपों से बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद

दिपके द्वारा RSS का नाम लिए जाने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और संवेदनशील हो गया है। RSS देश का एक प्रमुख सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है और भारतीय राजनीति में उसका प्रभाव व्यापक माना जाता है।

हालांकि RSS की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आरोपों को लेकर आगे कोई सबूत या जांच रिपोर्ट सामने आती है तो यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संगठन पर आरोप लगाने से पहले निष्पक्ष जांच का इंतजार करना जरूरी है, ताकि तथ्य स्पष्ट हो सकें।

कौन हैं अभिजीत दिपके?

अभिजीत दिपके हाल के वर्षों में अपने अनोखे राजनीतिक अभियान और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रुख के कारण चर्चा में रहे हैं। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की स्थापना ऐसे समय में की जब देश में वैकल्पिक राजनीतिक विचारधाराओं और सामाजिक आंदोलनों को लेकर बहस तेज हो रही थी।

दिपके स्वयं को सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों का समर्थक बताते हैं। उनकी पार्टी कई बार बेरोजगारी, सामाजिक असमानता और नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर चुकी है।

हालांकि मुख्यधारा की राजनीति में CJP अभी सीमित प्रभाव रखती है, लेकिन सोशल मीडिया और युवाओं के बीच पार्टी की कुछ पहचान बनती दिखाई दे रही है।

लोकतंत्र में विरोध का अधिकार

जयपुर की घटना ने एक बार फिर लोकतंत्र में विरोध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस छेड़ दी है। संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। ऐसे में किसी भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा या हमले की घटनाएं चिंता का विषय मानी जाती हैं।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि राजनीतिक मतभेदों को संवाद और बहस के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। यदि किसी प्रदर्शनकारी या संगठन पर हमला होता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।

आगे क्या?

फिलहाल जयपुर हमले की जांच जारी है और पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों को जुटा रही है। दूसरी ओर, अभिजीत दिपके ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी अपने अभियान और आंदोलनों को जारी रखेगी।

उन्होंने कहा कि “हमारा संघर्ष संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। हम किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।”

आने वाले दिनों में जांच की दिशा और विभिन्न राजनीतिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं इस मामले को और अधिक चर्चा में ला सकती हैं। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां क्या निष्कर्ष निकालती हैं और आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य सामने आता है या नहीं।

निष्कर्ष

जयपुर में प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके पर हुए कथित हमले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस को जन्म दिया है। दिपके ने RSS पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। ऐसे में निष्पक्ष जांच और तथ्यों के सामने आने का इंतजार करना जरूरी होगा। वहीं, दिपके का कहना है कि उनकी पार्टी महात्मा गांधी और डॉ. आंबेडकर के विचारों पर चलती है और किसी भी प्रकार की हिंसा उन्हें अपने अभियान से पीछे नहीं हटा सकती।

Shubham

शुभम झोपे एक प्रतिष्ठित लेखक हैं जो "ख़बर हरतरफ़" के लिए नियमित रूप से लेख लिखते हैं। उनकी लेखनी में समकालीन मुद्दों पर गहन विश्लेषण और सूक्ष्म दृष्टिकोण देखने को मिलता है। शुभम की लेखन शैली सहज और आकर्षक है, जो पाठकों को उनके विचारों से जोड़ देती है। शेयर बाजार, उद्यमिता और व्यापार में और सांस्कृतिक विषयों पर उनकी लेखनी विशेष रूप से सराही जाती है।

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