एक ऐसी घटना सामने आई है कि जिसको लेकर बहुत ही शर्म महसूस हो रही है भारत के इतने वरिष्ठ diploment और वर्तमान में उपराष्ट्र सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिसरी को सोशल मीडिया पर जम कर कंट्रोल किया जा रहा है। जो कि बहुत ही चिंताजनक बात है मिसरी चीन और स्पेन सहित प्रमुख विश्व पदों पर अपनी कूटनीति कुशलता और सेवा के लिए जाने जाते है। लेकिन अब सोशल मीडिया पर जहरीली प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है लोगों को उनसे प्रेरित होने की बजाय उन पर राजनीति आरोप लगा रहे हैं विक्रम मिसरी पर ऑनलाइन हमला किया जा रहा है। उनके पिछले कुछ बयान ऑनलाइन पर फिर से सामना आ रहे आ गए हैं।
उनके के बयान के कुछ अंश निकालकर सोशल मीडिया पर काफी वायरल किया जा रहे हैं और उनके प्रति क्रूरता फैलाई जा रही है और कई गुमनाम या राजनीतिक रूप से ऐसे लोगों को प्रेरित कर रहे हैं उनको चीन समर्थन कहा जा रहा है जबकि भारतीय विदेश सेवा में उनके लंबे समय से चला रही सम्मानित सेवा के बावजूद भी राष्ट्रीय हितों की निष्ठा पर सवाल उठाने का आरोप लगाया जा रहा है।
विक्रम मिसरी की भारत में ही नहीं बल्कि शांति और विवस्था बनाये रखने के लिए जाने जाते है
विक्रम मिसरी का diploment career आपने आप में बहुत कुछ कहता हैv कैसे उन्होंने लद्दाख सीमा पर हो रहे गतिरोध पर भारतीय राजदूत बनकर मह्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी उनके कार्यकाल की पहचान कैसे उन्होंने शांति और व्यवस्था पूर्ण रखा।
लोगों का ट्रोल यह भी दर्शाता है कि डिजिटल युग छोटी और सूचित बहस की कोई जगह नहीं है सरकारी सेवक से पछतापूर्ण रेखाओं से ऊपर उठकर काम करते है । उन्हें लोग ऑनलाइन लड़ाई में घसीटा जाता है उनका नतीजा सिर्फ प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचना है कि नहीं होता बल्कि शासन पर नकारात्मक प्रभाव भी बहुत पड़ता है जहां अधिकारी संतुलन रूप से अपने को सावधान कर सके।
उन्हें इस तरह ट्रोल नहीं किया जाना चाइये
लोगों ने इसके अलावा यह भी कहा है।कि ट्रोल हमें अक्सर वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका देते हैं जबकि देश को तनाव से लेकर आर्थिक सुधार तक भी गंभीर चिंता को सामना करना पड़ता है सोशल मीडिया सिर्फ तूफान लाना ध्यान भटकना और जनमत को विभाजित करने का ही काम करती है
यह साफ होता है कि वह अपने काम को कितने निष्ठा के साथ कर रहे हैं अपना टाइम ख़ुद को कंट्रोल और समझाने पर ध्यान दे रहे हैं अपनी सिविल सेवकों द्वारा बनाई गई गरिमा पर पूर्ण चुप्पी को ध्यान में रखते हुए महत्तवपूर्ण कदंम उठाया है।
कई लोगों ने राजनीतिक ट्रोलिंग अभियान की निंदा किया ऑनलाइन संवाद को अधिक सम्मानजनक बनाने का आग्रह किया है।
लोगों को समझना चाहिए कि भारत जटिल भू – राजनीतिक चुनौतियों से जुझ रहा है विक्रम मिसरी जैसे अनुभव अधिकारी को निशाना बनाना हमारे राजनीतिक संवाद के स्वास्थ्य के बारे में बहुत ही बेकार और चिंताजनक बात हो सकती है ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों पूछने का समय आ गया है ।इन जहरीली अभियान से किसको फायदा होता है।
यह भी पढ़े : Operation Sindoor विदेशी खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान के संयंत्र को किया उजागर






