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NPS में दो बड़े बदलाव: फीस घटेगी, बैंकों को पेंशन फंड शुरू करने की अनुमति

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NPS: पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने नेंशनल पेंशन सिस्‍टम (NPS) को और भी मजबूत करने के उद्देश्‍य से दो बड़े बदलाव करने की घोषणा कर दी है। बता दें कि, फंड मैनेज में भागीदारी बढ़ाने और पारदर्शिता को बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक सुधारों को भी अब जाकर मंजूरी दे दी गई है। इए के साथ ही शुल्‍क में भी बदलाव किया गया है।

PFRDA ने अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCB) को नेशनल पेंशन सिस्‍टम (NPS) के परिसंपत्तियों को मैनेज करने के लिए स्‍वतंत्र रूप से पेंशन फंड स्‍थापित करने की घोषणा दे दी है। जिसका मतलब यह है कि अब NPS के तहत फंड चुनने के लोगों को और भी विकल्‍प मिल जाएगा। जो कि, एक मौजूदा मानदंडों से एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव है। इसी के साथ ही पेंशन फंड हाउसेज द्वारा वसूले जाने वाले चार्ज में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जो अब पहले की तुलना में कम हो गया है।

पीएफआरडीए ने यह भी कहा कि। इस पहल से अब लोगों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी इसी के साथ नवाचार को भी प्रोत्साहन मिलेगा और पेंशन क्षेत्र में वित्तीय निगरानी भी काफी मजबूत होगी। नए बदलाव के तहत केवल अच्‍छे कैप‍िटल और फाइनेंशियल तौर पर मजबूत बैंकों को ही पेंशन फंड देने की मंजूरी मिली है। वहीं, इसकी योग्‍यता भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मानदंडों के अनुरूप, निवल संपत्ति, मार्केट कैपिटलाइजेशन और अन्‍य मापदंडों के आधार पर किया जाएगा।पात्रता के संबंध में जल्‍द ही गाइडलाइन नोटिफाई किया जाएगा।

रिवाइज्‍ड NPS फीस

एक अन्‍य खास बदलाव में पीएफआरडीए ने पेंशन फंडों के लिए निवेश प्रबंधन शुल्क (IMF) संरचना को संशोधित किया है, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। इस कदम का उद्देश्य ग्राहकों के हितों की रक्षा करते हुए भारत की पेंशन लागत संरचनाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है और ग्राहकों के फंड को मैनेज करने के लिए कम चार्ज लागू करना है।

NPS

निवेश प्रबंधन शुल्क (IMF) की नई नीति में सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए स्लैब-आधारित, डिफरेंशियल शुल्‍क व्‍यवस्‍था लागू की गई है। सरकारी क्षेत्र की दरें अनचेंज रहेंगी, जबकि गैर-सरकारी क्षेत्र के लिए कैटेगराइज शुल्क संरचना लागू होगी।

NPS: स्‍लैब बेस्‍ड चार्ज

अगर किसी फंड का AUM 25,000 करोड़ रुपये तक है तो उसमें IMF रेट्स 0.12% होगा. 25,000 – 50,000 करोड़ रुपये होने पर ये चार्ज 0.08% हो जाएगा। इसी तरह, 50,000 – 1,50,000 करोड़ के एयूएम पर 0.06% चार्ज और 1,50,000 से अधिक पर 0.04% चार्ज होगा।

यह स्‍ट्रक्‍चर मल्‍टीपल स्‍कीम फ्रेमवर्क के तहत आने वाली सभी योजनाओं पर भी लागू किया जाएगा। जिसमें हर फंड का कैलकुलेशन अलग-अलग होगा। जो कि, सालाना नियामक शुल्‍क (ARF) के 0.015% पर अपरिवर्तित रहेगा, जिसमें से 0.0025% एनपीएस मध्यस्थ संघ (एएनआई) को पीएफआरडीए के मार्गदर्शन में राष्ट्रव्यापी जागरूकता और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों के वित्तपोषण के लिए दिया जाएगा।

पीएफआरडीए के अध्यक्ष शिवसुब्रमण्यम रमण ने कहा कि ये सुधार भारत की पेंशन व्यवस्था में एक ‘रणनीतिक विकास’ का कहीं न कहीं प्रतीक माना जाता हैं। उन्होंने कहा, “इन उपायों का उद्देश्य एक अधिक प्रतिस्पर्धी, सुशासित और मजबूत एनपीएस सिस्‍टम का निर्माण करना है जो नए भारत की आकांक्षाओं को साफ रूप से दिखाती हैं।

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Priti Yadav

प्रीति यादव 2023 से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और कंटेंट राइटिंग में निरंतर काम कर रही हैं। कंटेंट क्रिएशन के साथ-साथ इनके पास डिजिटल मीडिया का अच्छा अनुभव है, जिसकी वजह से ये ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को बेहतर समझती हैं। प्रीति सभी बीट्स पर आर्टिकल कवर करती हैं, लेकिन इनकी खास रुचि Technology, Education और Government Schemes से जुड़ी खबरों और कंटेंट में है। इनके लेखन की खासियत है सरल भाषा, जानकारीपूर्ण शैली और SEO फ्रेंडली कंटेंट, जिससे पाठक जुड़ाव महसूस करते हैं।

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