---Advertisement---

Amrud Bagwani Subsidy Bihar: बिहार में अमरूद की बागवानी पर मिल रही है 40% सब्सिडी, कृषि मंत्री का बड़ा ऐलान

By
On:

Follow Us

Amrud Bagwani Subsidy Bihar: बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार अमरूद बागवानी को कृषि विविधीकरण का मजबूत माध्यम मानते हुए इस पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का फैसला किया है। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने सोमवार को कहा कि अमरूद एक ऐसी फसल है जो कम लागत में उगाई जा सकती है और किसानों को लंबे समय तक स्थिर आय दे सकती है। उन्होंने अमरूद को हल्की बलुई से लेकर भारी दोमट मिट्टी तक में आसानी से उगाई जाने वाली फसल बताया।

Amrud Bagwani Subsidy Bihar: अमरूद से मिलती है नियमित आय

मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि अमरूद की मांग साल भर बनी रहती है। सिर्फ ताजा फल ही नहीं, बल्कि इसके प्रसंस्कृत उत्पाद जैसे जैम, जेली, जूस और स्क्वैश बनाकर किसान मूल्य संवर्धन कर सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योग विकसित होंगे और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

Amrud Bagwani Subsidy Bihar: सरकार दे रही है 40% सब्सिडी

मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत अमरूद बागवानी की स्थापना पर प्रति हेक्टेयर लागत 1 लाख से 1.2 लाख रुपये निर्धारित है। सरकार इस पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। इससे किसानों का शुरुआती निवेश काफी कम हो जाएगा और वे आसानी से अमरूद बागवानी की ओर आकर्षित होंगे।

Amrud Bagwani Subsidy Bihar: कृषि विविधीकरण पर जोर

Amrud Bagwani Subsidy Bihar

राम कृपाल यादव ने कहा कि पारंपरिक फसलों के साथ बागवानी फसलों को बढ़ावा देकर बिहार में कृषि विविधीकरण को गति दी जा रही है। अमरूद जैसी कम लागत और अधिक लाभ देने वाली फसलें किसानों की आय में स्थिरता लाएंगी और जोखिम को भी कम करेंगी। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं ‘आत्मनिर्भर किसान और समृद्ध बिहार’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

Amrud Bagwani Subsidy Bihar: मुख्य बातें

  • अमरूद बागवानी पर 40% सब्सिडी
  • प्रति हेक्टेयर लागत: 1 लाख से 1.2 लाख रुपये
  • कम लागत वाली फसल, साल भर मांग
  • मूल्य संवर्धन से अतिरिक्त आय का अवसर

Amrud Bagwani Subsidy Bihar: कृषि विविधीकरण को बढ़ावा

बिहार सरकार किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बागवानी की ओर प्रोत्साहित कर रही है। अमरूद बागवानी उन किसानों के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है जो स्थिर और बेहतर आय चाहते हैं।
आधिकारिक जानकारी के लिए अपने जिले के कृषि कार्यालय या बागवानी विभाग से संपर्क करें

यह भी पढ़ें: PM Yashasvi Yojana 2025: आवेदन, लाभ, योग्यता और पूरी जानकारी

Priti Yadav

प्रीति यादव 2023 से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और कंटेंट राइटिंग में निरंतर काम कर रही हैं। कंटेंट क्रिएशन के साथ-साथ इनके पास डिजिटल मीडिया का अच्छा अनुभव है, जिसकी वजह से ये ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को बेहतर समझती हैं। प्रीति सभी बीट्स पर आर्टिकल कवर करती हैं, लेकिन इनकी खास रुचि Technology, Education और Government Schemes से जुड़ी खबरों और कंटेंट में है। इनके लेखन की खासियत है सरल भाषा, जानकारीपूर्ण शैली और SEO फ्रेंडली कंटेंट, जिससे पाठक जुड़ाव महसूस करते हैं।

For Feedback - feedback@khabarhartaraf.in

Join WhatsApp

Join Now