भारत की प्रमुख ज्वेलरी निर्माता कंपनी Titan ने वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही (Q1) में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 19% की घरेलू बिक्री वृद्धि दर्ज की है। यह बढ़ोतरी ना केवल बीते साल की समान अवधि (9.3%) से बेहतर है, बल्कि मौजूदा बाजार स्थितियों में भी कंपनी की मजबूती को दर्शाती है।
सोने की कीमतों में उछाल बना वरदान
बीते कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखी गई है। जानकार बताते हैं कि मध्य पूर्व में तनाव और अमेरिका की व्यापार नीतियों में अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सोने को सुरक्षित निवेश माना, जिससे इसकी मांग और कीमतों दोनों में इजाफा हुआ।
Titan के लिए यह स्थिति वरदान साबित हुई। स्पॉट गोल्ड की कीमतों में 30 जून को समाप्त तिमाही में 5.5% की बढ़त दर्ज की गई। नतीजन, Tanishq, Mia और Zoya जैसे Titan के ब्रांड्स की बिक्री में लो डबल डिजिट प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई।
90% राजस्व सिर्फ ज्वेलरी से
Titan की कुल कमाई में से लगभग 90% हिस्सा ज्वेलरी कारोबार से आता है, और इस बार इस सेगमेंट में 18% सालाना वृद्धि हुई है। गहनों की पारंपरिक मांग, शादी-विवाह का मौसम और सोने की लगातार चढ़ती कीमतों ने ग्राहकों को समय पर खरीदारी के लिए प्रेरित किया।
इस रिपोर्ट को पढ़कर एक आम ग्राहक के तौर पर मुझे यह समझ में आता है कि सोना अब सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि एक सोच-समझकर किया गया फैसला बन गया है।
घड़ियों की बिक्री में भी आई रफ्तार
Titan का दूसरा सबसे बड़ा बिजनेस सेगमेंट घड़ियां (Watches) है। इस सेगमेंट में भी कंपनी ने 23% की बढ़त दर्ज की है। इसका मुख्य कारण घड़ियों के दाम में बढ़ोतरी और मांग में इजाफा रहा।
जहां युवा वर्ग ब्रांडेड घड़ियों की ओर आकर्षित हो रहा है, वहीं Titan की गुणवत्ता और डिज़ाइन ने इसे प्रतिस्पर्धा में बनाए रखा है।
शेयर बाजार में हलचल, लेकिन कंपनी की पकड़ मजबूत
हालांकि रिपोर्ट आने के दिन Titan के शेयरों में थोड़ी गिरावट देखी गई और स्टॉक ₹3,441.30 (-6.13%) पर बंद हुआ, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि कंपनी के मौलिक आंकड़े मजबूत हैं और यह गिरावट अस्थायी हो सकती है।
ग्राहकों और निवेशकों के लिए संकेत
Titan का यह तिमाही प्रदर्शन दिखाता है कि कैसे बाजार की परिस्थिति, सही रणनीति और उपभोक्ता व्यवहार को समझकर कोई कंपनी स्थिर वृद्धि दर्ज कर सकती है। जो ग्राहक आज सोने या ब्रांडेड ज्वेलरी में निवेश कर रहे हैं, वे एक तरह से Titan जैसी कंपनियों के साथ देश की अर्थव्यवस्था में भी भागीदार बन रहे हैं।






