Key Highlights (मुख्य बिंदु):
- RVNL को Central Railway से ₹115.79 करोड़ का नया इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मिला
- शेयर की कीमत ₹375.90 पर बंद, कंपनी का मार्केट कैप ₹78,375 करोड़
- पिछले तीन वर्षों में RVNL के शेयर ने 1110% तक रिटर्न दिया
- नया अनुबंध महाराष्ट्र के इतारसी-अमला सेक्शन में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम अपग्रेड करने को लेकर
- परियोजना 24 महीनों में पूरी होगी, 3,000 MT मालवहन की क्षमता को ध्यान में रखकर
RVNL के शेयरों पर फिर से निवेशकों की नजर
RVNL ने ₹115.79 करोड़ का नया रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट जीता, जानिए इसका निवेशकों के लिए क्या मतलब है? रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। गुरुवार को इसके शेयर 0.83% बढ़कर ₹375.90 पर बंद हुए। लेकिन इस छोटे से उछाल के पीछे जो खबर है, वो काफी अहम है। दरअसल, RVNL को सेंट्रल रेलवे से ₹115.79 करोड़ का नया ठेका मिला है, जो महाराष्ट्र के नागपुर डिवीजन में इतारसी-अमला सेक्शन में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए है।
क्या है ये नया कॉन्ट्रैक्ट?
RVNL को यह कॉन्ट्रैक्ट मौजूदा 1×25 केवी ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम को 2×25 केवी ऑटो ट्रांसफार्मर फीडिंग सिस्टम में बदलने के लिए मिला है। यह तकनीकी बदलाव न सिर्फ रेलवे की बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगा, बल्कि माल गाड़ियों की क्षमता को 3,000 मीट्रिक टन तक बढ़ाने में मदद करेगा।
RVNL का प्रदर्शन कैसा रहा है?
- 3 साल में 1110.63% का रिटर्न: RVNL के शेयर ने निवेशकों को पिछले तीन सालों में मल्टीबैगर रिटर्न दिए हैं।
- 2 साल में 211% की बढ़त: कंपनी का स्टॉक दो वर्षों में भी तेजी से बढ़ा है।
- 2024 में ₹647 का रिकॉर्ड हाई: 15 जुलाई 2024 को स्टॉक ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छुआ था।
हालांकि, बीते 6 महीनों में यह स्टॉक 10.46% गिरा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इसमें वोलैटिलिटी (Beta 1.6) बनी हुई है। लेकिन ताजा अनुबंध की खबर ने फिर से बाजार में नई उम्मीदें जगा दी हैं।
प्रोजेक्ट से क्या फायदा होगा?
यह अपग्रेडेशन महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण रेलवे कॉरिडोर में मालवहन की गति और क्षमता को काफी हद तक सुधार देगा। 24 महीनों में पूरी की जाने वाली इस परियोजना से:
- लोडिंग टारगेट 3,000 MT तक होगा
- फ्रेट मूवमेंट और ट्रैक्टिव पावर में बढ़ोतरी होगी
- रेलवे की परिचालन दक्षता में सुधार आएगा
RVNL – रेलवे का रीढ़
2003 में स्थापित RVNL भारतीय रेलवे के निर्माण शाखा के रूप में काम करता है। इसकी भूमिका देश भर में उच्च प्राथमिकता वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लागू करने की है। यह PSU रेलवे के आधुनिकीकरण और विस्तार की दिशा में लगातार अग्रसर रहा है।
हालांकि RVNL एक मजबूत PSU है और इसके लंबे समय के प्रदर्शन ने निवेशकों को भरोसा दिया है, लेकिन शेयर की मौजूदा वोलैटिलिटी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर आप एक लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर हैं और PSU सेक्टर में संभावनाएं देखते हैं, तो यह कंपनी आपके पोर्टफोलियो में जगह बना सकती है। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले एक योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
RVNL का यह नया अनुबंध न सिर्फ कंपनी की ऑर्डर बुक को मजबूत करता है, बल्कि रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर में इसके योगदान को भी रेखांकित करता है। निवेशकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह PSU न केवल प्रॉफिट जेनरेट करने में सक्षम है, बल्कि भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी सक्रिय है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी स्टॉक मार्केट या किसी विशेष कंपनी के शेयर में निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम से जुड़ा होता है और किसी भी प्रकार के निवेश से पहले एक योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना आवश्यक है। लेखक और प्रकाशक इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर किए गए निवेश निर्णयों के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
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