Highlights (संक्षेप में मुख्य बिंदु):
- IRFC के शेयरों में बीते 5 ट्रेडिंग दिनों में 10% से ज्यादा की तेजी
- ₹126 का रेजिस्टेंस लेवल ब्रेक कर शेयर ने दिखाई ताकत
- SEBI रजिस्टर्ड सलाहकारों ने ₹230 तक के टारगेट बताए
- रेलवे कैपेक्स और गवर्नमेंट बैकिंग बना रही मजबूत निवेश केस
- टेक्निकल संकेत: RSI 53.2, EMA से ऊपर ट्रेडिंग, वॉल्यूम में इजाफा
- लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक मौका, हाई डिविडेंड यील्ड और कम P/E रेशियो
IRFC में दिखा Bullish Reversal
भारतीय रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) के शेयरों में बीते कुछ दिनों में जो तेजी आई है, उसने निवेशकों और तकनीकी विश्लेषकों दोनों का ध्यान खींचा है। एक ऐसा दौर जब PSU शेयरों में उत्साह कम दिख रहा था, IRFC ने ₹126 का अहम स्तर पार कर एक नया ट्रेंड सेट किया है।
SEBI रजिस्टर्ड एनालिस्ट अनुपम बाजपेयी के अनुसार, IRFC के शेयरों ने राउंडिंग बॉटम पैटर्न से ब्रेकआउट दिया है। यह पैटर्न आमतौर पर रिवर्सल का संकेत देता है। ₹126 के ऊपर क्लोजिंग मिलने के बाद अब ₹136 पहला टारगेट माना जा रहा है। इसके साथ ही 20-दिन के मूविंग एवरेज और 50-डे EMA के ऊपर क्लोजिंग से टेक्निकल स्ट्रेंथ की पुष्टि होती है।
फंडामेंटल मजबूती: क्यों है IRFC खास?
SEBI पंजीकृत सलाहकार प्रमिला बलक्कला ने IRFC को एक फंडामेंटली मजबूत और तकनीकी रूप से आकर्षक स्टॉक बताया है।
उनके मुताबिक IRFC की कुछ प्रमुख खूबियां इस प्रकार हैं:
- 100% गवर्नमेंट गारंटी: IRFC भारतीय रेलवे की एकमात्र वित्तीय संस्था है
- स्टेबल कैश फ्लो: लीज बेस्ड मॉडल से लंबे समय तक स्थिर कमाई
- हाई डिविडेंड यील्ड: रिटायर्ड या पैसिव इनकम चाहने वाले निवेशकों के लिए लाभदायक
- कम P/E रेशियो (8.9): अंडरवैल्यूड स्टॉक जो लंबी अवधि के निवेश के लिए उपयुक्त है
तकनीकी स्तरों की गहराई से जांच:
| तकनीकी संकेत | विवरण |
|---|---|
| RSI | 53.2 (तेजी की पुष्टि) |
| वॉल्यूम | लगातार बढ़ रहा, दर्शाता है एक्यूम्युलेशन |
| 20 & 50 EMA | शेयर दोनों से ऊपर ट्रेड कर रहा है |
| सपोर्ट ज़ोन | ₹95–₹100 (संस्थागत खरीदारी का स्तर) |
| ब्रेकआउट लेवल | ₹130 (वॉल्यूम के साथ पार करने पर बड़ी तेजी संभव) |
| मध्यम अवधि लक्ष्य | ₹165–₹180 |
| दीर्घकालिक लक्ष्य | ₹200–₹230 |
| स्टॉप लॉस | ₹95 (साप्ताहिक क्लोजिंग आधार पर) |
रेलवे कैपेक्स: दीर्घकालिक ग्रोथ का आधार
IRFC की ग्रोथ कहानी सिर्फ चार्ट्स तक सीमित नहीं है। भारत सरकार की रेलवे कैपेक्स योजना में IRFC की भूमिका बेहद अहम है:
- बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट (मुंबई–अहमदाबाद)
- 2030 तक 100% रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य
- फ्रेट कॉरिडोर का विस्तार
- ₹2.4 लाख करोड़ का रेलवे बजट (2025)
निवेशकों के लिए संदेश
यदि आप एक ऐसे PSU स्टॉक की तलाश में हैं जो सुरक्षित हो, डिविडेंड देता हो, और लंबी अवधि में मल्टीबैगर बनने की संभावना रखता हो। तो IRFC आपके रडार पर होना चाहिए। ₹100–₹95 के स्तर पर खरीदारी करना समझदारी हो सकती है, और ₹130 के ऊपर ब्रेकआउट आने पर तेजी की पुष्टि मानी जा सकती है।
जोखिम भी समझें:
- उच्च डेट-टू-इक्विटी रेशियो (3.5): हालाँकि सरकार की बैकिंग है
- ब्याज दर संवेदनशीलता: रेट्स बढ़ने पर मार्जिन पर असर
- PSU की तरलता: कभी-कभी प्राइस मूवमेंट धीमा होता है
IRFC एक सरकारी PSU है जो भारतीय रेलवे की फाइनेंसिंग का केंद्रबिंदु है। इसमें तकनीकी रूप से तेजी के स्पष्ट संकेत हैं और फंडामेंटल स्तर पर यह स्टॉक अंडरवैल्यूड है। आने वाले महीनों में यह ₹230 के स्तर तक पहुंच सकता है। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह एक सुनहरा मौका हो सकता है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी स्टॉक मार्केट या किसी विशेष कंपनी के शेयर में निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम से जुड़ा होता है और किसी भी प्रकार के निवेश से पहले एक योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना आवश्यक है। लेखक और प्रकाशक इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर किए गए निवेश निर्णयों के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
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