Aditya Ultra Steel IPO ने अपनी सब्सक्रिप्शन अवधि में भारी रुचि प्राप्त की है। इस IPO की शुरुआत सोमवार, 9 सितंबर 2024 को हुई थी, और इसका समापन बुधवार, 11 सितंबर को होगा। इसके शेयरों की फेस वैल्यू ₹10 है और इसकी प्राइस बैंड ₹59 से ₹62 प्रति शेयर के बीच निर्धारित की गई है। निवेशक न्यूनतम 2000 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, और इसके बाद यह शेयरों के गुणकों में उपलब्ध है।
आदित्य अल्ट्रा स्टील, TMT बार्स के उत्पादन में माहिर है, जो मुख्य रूप से भवन निर्माण और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में उपयोग किए जाते हैं। कंपनी “कमधेनु” ब्रांड के अंतर्गत TMT बार्स का निर्माण करती है, जो रोलिंग मशीन और पुनः गरम करने वाली भट्ठी के माध्यम से बिलेट्स को TMT बार्स में परिवर्तित करती है।
IPO सब्सक्रिप्शन की स्थिति
IPO के दूसरे दिन तक आदित्य अल्ट्रा स्टील के IPO को 4.34 गुना सब्सक्राइब किया गया है। इसमें खुदरा निवेशकों (रिटेल पोर्शन) ने बड़ी रुचि दिखाई है, जिसके कारण इसे 9.96 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। नॉन-इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने इसे 2.33 गुना सब्सक्राइब किया है, जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के हिस्से में 1.01 गुना बुकिंग हुई है।
Also Read
अब तक 70,30,000 शेयरों के मुकाबले कंपनी को कुल 3,05,16,000 शेयरों की बोलियाँ प्राप्त हुई हैं। यह डेटा चित्तौड़गढ़ की रिपोर्ट के अनुसार 16:43 IST तक का है। पहले दिन में IPO को 2.10 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ था।
कंपनी का परिचय
आदित्य अल्ट्रा स्टील TMT बार्स के निर्माण के क्षेत्र में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती है। कंपनी B2B (बिज़नेस टू बिज़नेस) मॉडल पर काम करती है, और इसके प्रमुख ग्राहक गुजरात राज्य से आते हैं। कंपनी ने स्टील उद्योग में तेज़ी से अपनी पहचान बनाई है, जो इसकी तेज़ी से बढ़ती परिचालन आय से प्रमाणित होती है। 2017-18 में इसकी आय ₹14,578.04 लाख थी, जो 2023-24 में बढ़कर ₹58,780.08 लाख हो गई, जो लगभग 26.16% की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) को दर्शाती है।
वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी की आय में निरंतर वृद्धि देखने को मिली है। 31 मार्च 2024 तक कंपनी की परिचालन से होने वाली आय ₹58,780.08 लाख थी, जबकि 31 मार्च 2023 तक यह ₹53,044.78 लाख थी। 31 मार्च 2022 को यह आय ₹51,535.53 लाख थी, जो इस बात का प्रमाण है कि कंपनी वित्तीय रूप से स्थिरता प्राप्त कर रही है।
प्रमोटर्स और लिस्टेड प्रतिस्पर्धी
कंपनी के लिस्टेड प्रतिस्पर्धी राठी बार्स लिमिटेड (P/E 15.93) और मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड (P/E 16.77) हैं। ये दोनों कंपनियाँ भी स्टील और TMT बार्स के उत्पादन में सक्रिय हैं।
IPO का उद्देश्य
कंपनी द्वारा IPO से जुटाए गए फंड का उपयोग कई उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से कैपिटल एक्सपेंडीचर, वर्किंग कैपिटल रिक्वायरमेंट्स, जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों और पब्लिक इश्यू के खर्चों को कवर करना शामिल है।
IPO के कुल मूल्यांकन की बात करें तो इसका कुल आकार ₹45.88 करोड़ है। इसमें 7,400,000 इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है, जिसमें कोई ऑफर फॉर सेल का कंपोनेंट नहीं है।
Aditya Ultra Steel IPO GMP
IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के बारे में बात करें तो आज की स्थिति में इसका GMP ₹0 है। इसका मतलब है कि ग्रे मार्केट में शेयर बिना किसी प्रीमियम या डिस्काउंट के ₹62 के इश्यू प्राइस पर ट्रेड हो रहे हैं। Investorgain.com की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 8 सत्रों से ग्रे मार्केट में कोई प्रमुख गतिविधि नहीं देखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति लिस्टिंग दिवस तक बनी रह सकती है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम यह इंगित करता है कि निवेशक इश्यू प्राइस से अधिक कीमत देने के लिए कितने तैयार हैं। वर्तमान में, आदित्य अल्ट्रा स्टील IPO के प्रति निवेशकों की रुचि स्थिर है और इसका GMP अभी तक कोई बड़ा संकेत नहीं दिखा रहा है।
क्या करें निवेशक?
IPO के बारे में विशेषज्ञों की राय निवेशकों को यह समझने में मदद करती है कि कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत हैं। कंपनी की लगातार आय में वृद्धि, उसका प्रतिष्ठित क्लाइंट बेस और गुजरात जैसे मजबूत बाजार में उसकी पकड़ इसे एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाते हैं। लेकिन निवेशकों को हमेशा सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
आदित्य अल्ट्रा स्टील की भविष्य की योजनाएँ
कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह किस तरह से अपने वर्तमान उत्पादों का विस्तार करती है और नए क्षेत्रों में प्रवेश करती है। स्टील उद्योग में बढ़ती मांग और सरकार की इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास योजनाओं से कंपनी को लाभ होगा। कंपनी की योजना अपने उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने की है।
इसके अलावा, कंपनी की योजना अपने उत्पादन तकनीक में सुधार करने की है ताकि वह उच्च गुणवत्ता वाले TMT बार्स का निर्माण कर सके और लागत प्रभावी उत्पादन मॉडल अपना सके। कंपनी इस IPO से प्राप्त फंड का उपयोग अपने विस्तार और विकास योजनाओं के लिए करने की योजना बना रही है, जो उसे लंबी अवधि में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाएगा।
आदित्य अल्ट्रा स्टील IPO ने दूसरे दिन तक निवेशकों की बड़ी रुचि प्राप्त की है और यह स्टील उद्योग में एक संभावित खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स, वित्तीय स्थिरता और बाजार में बढ़ती मांग इसे एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाते हैं। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि किसी भी IPO में निवेश करने से पहले उन्हें अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना चाहिए ताकि वे सूचित और सही निर्णय ले सकें।
यह भी पढ़े: Indian Phosphate IPO: ग्रे मार्केट में जोरदार रुझान, 116% लिस्टिंग गेन की संभावना!














