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लीबिया के जेल में कैदियों पर अत्याचार की वीडियो लीक, संयुक्त राष्ट्र ने जांच की मांग की

On: January 17, 2025 7:53 PM
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Video leaks of torture of prisoners in Libyan prison, UN demands investigation
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सोशल मीडिया पर लीक हुए वीडियो ने लीबिया की एक हाई-सिक्योरिटी जेल में कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार की भयावह तस्वीर पेश की है। संयुक्त राष्ट्र ने इस मामले को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए तत्काल और पारदर्शी जांच की मांग की है।

क्या है मामला?

संयुक्त राष्ट्र समर्थित मिशन (UNSMIL) ने मंगलवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कैदियों को यातनाएं देते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो पूर्वी लीबिया के जर्नादा जेल का बताया जा रहा है, जिसे सैन्य नेता खलीफा हफ्तार के नेतृत्व वाले बलों द्वारा संचालित किया जाता है।

वीडियो में कई लिबियाई और विदेशी कैदियों के साथ बर्बर व्यवहार और हिंसा के दृश्य सामने आए हैं। UNSMIL ने कहा कि यह फुटेज लीबिया की जेलों में मानवाधिकार उल्लंघन की पूर्व में दर्ज की गई घटनाओं के अनुरूप है।

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जर्नादा जेल और खलीफा हफ्तार की भूमिका

जर्नादा जेल, जो लीबिया के पूर्वी प्रशासन के नियंत्रण में है, खलीफा हफ्तार के सैन्य बलों द्वारा संचालित होती है। यह जेल मुख्य रूप से उनके आलोचकों को बंदी बनाने के लिए कुख्यात है। यह बेंगाजी से लगभग 250 किलोमीटर दूर स्थित है।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यह वीडियो न केवल जेल प्रशासन की क्रूरता को उजागर करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का भी गंभीर उल्लंघन है।

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया

UNSMIL ने लीबिया के पूर्वी प्रशासन से इस मामले की “तत्काल और पारदर्शी जांच” करने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र इस बात की भी कोशिश कर रहा है कि जर्नादा जेल और अन्य हिरासत केंद्रों तक “असीमित पहुंच” सुनिश्चित की जा सके।

मानवाधिकार संगठनों की चिंता

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने लीबिया के हिरासत केंद्रों में हो रहे दुरुपयोग और यातना की बार-बार निंदा की है। इन संगठनों का कहना है कि जेलों में व्यापक स्तर पर हिंसा और अमानवीय व्यवहार जारी है।

लीक वीडियो में क्या दिखा?

वीडियो में देखा गया कि यूनिफॉर्म पहने कुछ लोग कैदियों को बेरहमी से पीट रहे हैं। इनमें लिबियाई और विदेशी दोनों कैदी शामिल हैं।

2011 में तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के पतन के बाद से लीबिया दो विरोधी प्रशासन में बंटा हुआ है। पश्चिम में त्रिपोली स्थित सरकार को संयुक्त राष्ट्र मान्यता प्राप्त है, जबकि पूर्वी क्षेत्र पर खलीफा हफ्तार का नियंत्रण है।

त्रिपोली और पूर्वी प्रशासन, दोनों ने इस मामले पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि वह लीबिया के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है ताकि इस मामले में न्याय सुनिश्चित हो सके।

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Gunvant

गुणवंत एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो सटीक और रोचक खबरें प्रस्तुत करने में माहिर हैं। समसामयिक मुद्दों पर उनकी गहरी समझ और सरल लेखन शैली पाठकों को आकर्षित करती है। साथ ही वे क्रिकेट में अपनी रूचि रखते है। गुणवंत का लक्ष्य समाज को जागरूक और प्रेरित करना है। वे हमेशा निष्पक्षता और सच्चाई को प्राथमिकता देते हैं।

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