चुनाव आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया। यह चुनाव 20 नवंबर 2024 को एक ही चरण में होगा और परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि मतदान के लिए बुधवार का दिन चुनने का एक खास कारण है। उन्होंने कहा कि यह जानबूझकर किया गया है ताकि शहरी मतदाताओं में उदासीनता की समस्या को हल किया जा सके।
बुधवार का दिन क्यों चुना गया?
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव की तारीख चुनने के पीछे के कारण को स्पष्ट करते हुए कहा कि मतदान के लिए सप्ताह के बीच का दिन, यानी बुधवार, इसलिए चुना गया है ताकि शहरी मतदाताओं में मतदान के प्रति उदासीनता को कम किया जा सके। इस निर्णय का उद्देश्य यह है कि मतदाता इस दिन को किसी लंबे सप्ताहांत या छुट्टी के रूप में न देखें और मतदान करने से बचें। इससे मतदाता अपने दैनिक कार्यों के साथ मतदान को प्राथमिकता दे सकेंगे और मतदाता भागीदारी में वृद्धि हो सकेगी।
महाराष्ट्र चुनाव की तारीखें
चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार:
- अधिसूचना जारी होने की तारीख: 22 अक्टूबर
- नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 29 अक्टूबर
- नामांकन की जांच की तिथि: 30 अक्टूबर
- नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि: 4 नवंबर
- मतदान की तारीख: 20 नवंबर (बुधवार)
- मतगणना की तारीख: 23 नवंबर
महाराष्ट्र की विधानसभा 288 सीटों वाली है और इसमें 9.63 करोड़ योग्य मतदाता हैं। राज्य की राजनीति में इस चुनाव का खास महत्व है क्योंकि वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना गठबंधन सत्ता में हैं। वहीं, विपक्षी महा विकास अघाड़ी (कांग्रेस, एनसीपी और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना) इस बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। इस बार के चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।
शहरी मतदाताओं की उदासीनता का सामना
भारत में शहरी क्षेत्रों में मतदान दर ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अक्सर कम रहती है। चुनाव आयोग ने देखा कि शहरी मतदाता अक्सर मतदान के दिन का उपयोग छुट्टी या अन्य गतिविधियों के लिए करते हैं। इस बार, चुनाव आयोग का यह प्रयास है कि मतदान दिन को सप्ताह के बीच में रखा जाए, ताकि शहरी मतदाता अपने नियमित कार्यों को छोड़कर मतदान करें। इस निर्णय के तहत आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि मतदाता मतदान के महत्व को समझें और चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
चुनाव आयोग की तैयारी
राज्य में चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। आयोग ने राज्य के राजनीतिक दलों के साथ बैठकें की हैं और उन्हें निष्पक्ष चुनाव कराने का भरोसा दिलाया है। इसके अलावा, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियानों को तेज किया जा रहा है ताकि मतदाता जागरूक हों और मतदान में अधिक संख्या में भाग लें।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए बुधवार का दिन चुनने का निर्णय शहरी मतदाता उदासीनता को कम करने के प्रयास का हिस्सा है। चुनाव आयोग के इस कदम का उद्देश्य मतदाता भागीदारी को बढ़ाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत करना है। चुनाव आयोग की यह योजना एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल हो सकती है जो भविष्य में भी अन्य राज्यों में मतदान प्रक्रिया के दौरान अपनाई जा सकती है।