Ayushman Card Yojana: क्या आप भी उत्तर प्रदेश में रहते हैं और आपने आयुष्मान कार्ड बनवा रखा है तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। जी हां आप सही सुन रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि, केंद्र सरकार की Ayushman Card Yojana के तहत उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात मिल रही है। वहीं देखा जाए तो, Ayushman Card Yojana का फायदा उठाने के लिए अस्पताल में भर्ती होने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि, अब OPD में भी आयुष्मान कार्ड चलेगा।
हैरानी की बात यह है कि, ओपीडी मॉडल को लागू करने वाला सबसे पहला राज्य उत्तर प्रदेश बन गया है। देखा जाए तो, अभी किसी अन्य राज्य में आयुष्मान भारत योजना के तहत ओपीडी में आयुष्मान कार्ड नहीं चल रहा है। लेकिन, भले ही भर्ती होने पर कैशलेस और मुफ्त इलाज मिल जाता है।
लेकिन जब बात ओपीडी की आती है तो इसके लिए आपको शुल्क देना पड़ता है। जानकारी के लिए बता दें कि, आयुष्मान कार्ड से आपको अच्छा खासा डिस्काउंट मिल जाता है। पहले चरण में 180 निजी अस्पतालों में यह सुविधा मिलेगी। दरअसल यूपी की स्टेट एजेंसी फॉर कांप्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटिग्रेटेड सर्विस ने यह सिस्टम तैयार किया है।
Ayushman Card Yojana: ओपीडी में कैसे मिलेगा आयुष्मान कार्ड से लाभ
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-4444 पर कॉल करके आप जिस अस्पताल में डॉक्टर को दिखाना चाहते हैं, वहां की अपॉइन्टमेंट आपको पहले से ही बुक करानी होगी। इसके लिए आपको अस्पताल में डॉक्टर का नाम बताना होगा।
जिसके बाद आपके कॉल को सीधे अस्पताल से जोड़ा जाएगा और उसके बाद स्लॉट के मुताबिक आपको टाइम मिल जाएगा। Ayushman Card Yojana से डॉक्टर से बुकिंग कराने पर अगर किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत होगी तो आयुष्मान योजना के तहत उन्हें कैशलेस इलाज मिलना शुरू हो जाएगा। अगर किसी को भर्ती करने की जरूरत नहीं होगी तो ओपीडी में छूट मिल जाएगी।

कितना पैसा चुकाना होगा
वहीं, इस योजना के अनुसार, 180 में से लगभग 20 अस्पताल ऐसे हैं, जहां ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए कोई भी शुल्क नहीं देना पड़ता है। लेकिन, बाकी अस्पतालों में आपको 20 से 50 फीसदी तक ओपीडी शुक्ल देना अनिवार्य है। उदाहरण के लिए, अगर किसी अस्पताल में डॉक्टर की फीस 1200 रुपये है तो आपको इसमें 600 रुपये तक छूट मिल जाएगा।
किन बीमारियों का करा सकते हैं इलाज
जानकारी के लिए बता दें कि, यूपी में आयुष्मान कार्ड से 5 तरह की ओपीडी में डॉक्टर को आप आसानी से दिखा सकते हैं। वहीं, जनरल ओपीडी में सामान्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को इलाज होता है। जबकि स्पेशलिस्ट ओपीडी में हार्ट, किडनी, गैस्ट्रो शामिल है।
इलेक्टिव ओपीडी में घुटना प्रत्यारोपण, प्रेग्नेंसी, मोतियाबिंद के मरीज अपना इलाज करा सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, फॉलोअप ओपीडी में उन मरीजों का इलाज किया जाता है। जिनका इलाज पहले से चल रहा है। इसके अलावा इमरजेंसी ओपीडी में भी मरीज इलाज करा सकते हैं।
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