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28 घंटे बाद ब्लैक बॉक्स मिला: Boeing Dreamliner हादसे पर DGCA सख्त

On: June 14, 2025 10:57 AM
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Black box found after 28 hours: DGCA strict on Boeing Dreamliner accident
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Key Highlights (मुख्य बिंदु):

  • अहमदाबाद विमान हादसे के 28 घंटे बाद ब्लैक बॉक्स और DVR बरामद
  • ब्लैक बॉक्स में CVR और FDR होते हैं, जो क्रैश के कारणों की जांच में मदद करते हैं
  • Boeing Dreamliner हादसे के बाद DGCA की सख्त गाइडलाइंस
  • DVR की फुटेज से यात्रियों और क्रू की गतिविधियों का पता चलता है
  • हादसे के दौरान ब्लैक बॉक्स की सीमाएं भी सामने आई हैं

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 28 घंटे की सघन खोज के बाद आखिरकार वह उपकरण मिल ही गया, जिसे विमानन हादसों की ‘सच्चाई की कुंजी’ कहा जाता है। ब्लैक बॉक्स। इस हादसे ने न सिर्फ देश की विमानन सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि विमान कंपनियों के प्रोटोकॉल और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

ब्लैक बॉक्स बरामद लेकिन सवाल अब भी बाकी हैं

ब्लैक बॉक्स के साथ-साथ डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी बरामद किया गया है। हालांकि यह तकनीकी रूप से एक राहत की खबर हो सकती है, पर सच्चाई यह है कि हादसे से जुड़ी कई जानकारियां शायद अब भी अधूरी रह जाएं।

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ऐसा पहली बार नहीं हुआ। इससे पहले बैंकॉक से दक्षिण कोरिया जा रहे जेजू एयर के विमान में भी ब्लैक बॉक्स से अंतिम मिनटों की जानकारी गायब पाई गई थी। ऐसे में क्या यह तकनीक 100% विश्वसनीय है? यह सवाल फिर उठने लगा है।

ब्लैक बॉक्स कैसे करता है काम?

आम भाषा में जिसे “ब्लैक बॉक्स” कहा जाता है, दरअसल वह दो उपकरणों का संयोजन होता है:

  1. Cockpit Voice Recorder (CVR): पायलटों की बातचीत, इंजन की आवाज और रेडियो कम्युनिकेशन रिकॉर्ड करता है।
  2. Flight Data Recorder (FDR): विमान की ऊंचाई, गति, दिशा, और इंजन की कार्यप्रणाली जैसे डाटा को स्टोर करता है।

इस रिकॉर्डिंग के जरिए जांचकर्ता एक कंप्यूटर-निर्मित एनिमेटेड फ्लाइट रीकंस्ट्रक्शन बना सकते हैं, जो दुर्घटना से पहले के हर सेकंड को उजागर करता है।

नाम ‘ब्लैक बॉक्स’, रंग नारंगी क्यों?

यह सवाल कई लोगों के मन में आता है। वास्तव में यह उपकरण नारंगी रंग का होता है ताकि मलबे में इसे आसानी से पहचाना जा सके। ‘ब्लैक बॉक्स’ शब्द कंप्यूटिंग की दुनिया से लिया गया है, जहां सिस्टम के इनपुट-आउटपुट को समझने की प्रक्रिया को यही नाम दिया जाता है।

ब्लैक बॉक्स को टाइटेनियम या स्टेनलेस स्टील से बनाया जाता है। यह 14,000 फीट गहराई से भी सिग्नल भेज सकता है। FDR को विमान की पूंछ में रखा जाता है ताकि वह क्रैश से सबसे कम प्रभावित हो।

DVR – अब प्लेन के अंदर की फुटेज भी महत्वपूर्ण

आजकल विमानों में डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी लगाए जाते हैं जो CCTV कैमरे की तरह काम करता है। यह यात्रियों और क्रू की गतिविधियों को रिकॉर्ड करता है और बाहरी दृश्य भी कैप्चर करता है। किसी आपात स्थिति में DVR की फुटेज काफी मददगार साबित होती है।

Boeing Dreamliner पर सख्ती, DGCA ने दिए निर्देश

DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने हाल ही में Boeing Dreamliner विमानों पर निगरानी बढ़ा दी है। अहमदाबाद क्रैश के बाद DGCA ने ऑपरेशनल प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू कर दी है और सभी एयरलाइंस को सुरक्षा चेकलिस्ट को और कड़ा करने को कहा गया है।

ब्लैक बॉक्स की सीमाएं

  • कभी-कभी डेटा अधूरा या करप्ट हो जाता है
  • हार्ड इम्पैक्ट या आग में डिवाइस पूरी तरह नष्ट हो सकता है
  • CVR केवल पिछली 2 घंटे की बातचीत ही स्टोर करता है

ब्लैक बॉक्स और DVR ने एयरक्रैश जांच में कई रहस्य उजागर किए हैं, लेकिन यह भी सच है कि ये उपकरण 100% भरोसेमंद नहीं हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम सिर्फ हादसों के बाद ही नहीं, बल्कि हादसों से पहले भी सुरक्षा को लेकर गंभीर हों।

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Shubham

शुभम झोपे एक प्रतिष्ठित लेखक हैं जो "ख़बर हरतरफ़" के लिए नियमित रूप से लेख लिखते हैं। उनकी लेखनी में समकालीन मुद्दों पर गहन विश्लेषण और सूक्ष्म दृष्टिकोण देखने को मिलता है। शुभम की लेखन शैली सहज और आकर्षक है, जो पाठकों को उनके विचारों से जोड़ देती है। शेयर बाजार, उद्यमिता और व्यापार में और सांस्कृतिक विषयों पर उनकी लेखनी विशेष रूप से सराही जाती है।

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