---Advertisement---

Eternal के शेयर अभी भी ‘Buy’ क्यों हैं? Q4 में Blinkit के घाटे और भारी प्रतिस्पर्धा के बावजूद जानें सच्चाई

On: May 2, 2025 11:11 AM
Follow Us:
Why are Eternal shares still a 'Buy'? Know the truth despite Blinkit's losses in Q4 and heavy competition
---Advertisement---

Key Highlights:

  • Eternal Ltd (formerly Zomato) ने Q4FY25 में 77.71% YoY गिरावट के बावजूद अनुमान के अनुरूप प्रदर्शन किया
  • Blinkit के नुकसान उम्मीद से कम रहे, जिससे निवेशकों में उम्मीद जगी
  • कंपनी का कुल राजस्व ₹5,830 करोड़ रहा, जो ₹5,820 करोड़ के अनुमान से थोड़ा बेहतर था
  • JM Financial और Nuvama ने Eternal के शेयर पर ‘Buy’ की रेटिंग बरकरार रखी है

Eternal के शेयर Q4 में Blinkit के घाटे और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद ‘Buy’ क्यों बने हुए हैं?

एक खुदरा निवेशक होने के नाते, जब मैंने Eternal Ltd (जिसे पहले Zomato कहा जाता था) के Q4FY25 नतीजे देखे, तो पहली नजर में निराशा हाथ लगी। कंपनी का शुद्ध लाभ 78% गिरकर ₹39 करोड़ पर आ गया। लेकिन जैसे-जैसे मैंने गहराई में जाकर रिपोर्ट पढ़ी, Blinkit के नतीजे और प्रबंधन की रणनीति को समझा, वैसे-वैसे यह साफ हो गया कि Eternal की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है — बल्कि ये एक नया अध्याय शुरू होने का संकेत है।

Blinkit ने चौथी तिमाही में अनुमान से कम घाटा दर्ज किया है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी ने इस दौरान तेज़ी से डार्क स्टोर्स (छोटे गोदाम) का विस्तार किया। 1,301 में से 40% स्टोर पिछले दो क्वार्टर में ही खोले गए। हालांकि ये स्टोर फिलहाल कम उपयोग में हैं और कम मुनाफे वाले हैं, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि विस्तार चक्र अब चरम पर है और आगे इनके ज़रिए ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है।

Also Read

EBITDA Margin और निवेशकों का भरोसा

कंपनी का Ebitda Margin 1.2% रहा जो पिछले तिमाही से 180bps नीचे था। ये बाजार के 1.7% के अनुमान से कम है, लेकिन फिर भी PAT अनुमान के करीब रहा। JM Financial जैसे ब्रोकरेज हाउसेज़ ने कहा है कि भले ही प्रतिस्पर्धा बढ़ रही हो, लेकिन Eternal के फंडामेंटल मजबूत हैं।

Nuvama ने Eternal का टारगेट प्राइस ₹300 से घटाकर ₹290 किया है लेकिन ‘BUY’ की सिफारिश बरकरार रखी है। इसका मतलब है कि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए ये स्टॉक अभी भी आकर्षक बना हुआ है।

Hyperpure और नए इन्वेस्टमेंट फ्रंट

Hyperpure और Eternal के दूसरे निवेश जैसे Bistro और Nugget पर फिलहाल लागत ज्यादा है लेकिन ये अभी निवेश चरण में हैं। ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद है कि FY26 के दूसरे क्वार्टर से इन क्षेत्रों में भी ऑपरेटिंग लाभ दिखने लगेगा।

एक रिटेल निवेशक के तौर पर मैंने Eternal को सिर्फ तिमाही नतीजों से नहीं परखा। इसकी लॉन्ग टर्म स्ट्रेटजी, टेक्नोलॉजी और डिलीवरी नेटवर्क का विस्तार, साथ ही क्वालिटी कंट्रोल (19k रेस्टोरेंट्स को प्लेटफॉर्म से हटाना) जैसे कदम मुझे यह समझाने के लिए काफी हैं कि Eternal सिर्फ आज के लिए नहीं, आने वाले सालों के लिए तैयार हो रही है।

भले ही Q4 में Eternal ने अपेक्षा से कम प्रदर्शन किया हो, लेकिन Blinkit का घाटा उम्मीद से कम रहना और लंबी अवधि की रणनीति निवेशकों के लिए अच्छा संकेत है। अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं, तो Eternal अब भी ‘Buy’ बना हुआ है — खासकर जब आप मार्केट की अस्थिरता में अवसर ढूंढना जानते हैं।

यह भी पढ़े: केदारनाथ धाम के कपाट खुले: 108 क्विंटल फूलों से सजा मंदिर, हर हर महादेव की गूंज से गूंजा धाम

Shubham

शुभम झोपे एक प्रतिष्ठित लेखक हैं जो "ख़बर हरतरफ़" के लिए नियमित रूप से लेख लिखते हैं। उनकी लेखनी में समकालीन मुद्दों पर गहन विश्लेषण और सूक्ष्म दृष्टिकोण देखने को मिलता है। शुभम की लेखन शैली सहज और आकर्षक है, जो पाठकों को उनके विचारों से जोड़ देती है। शेयर बाजार, उद्यमिता और व्यापार में और सांस्कृतिक विषयों पर उनकी लेखनी विशेष रूप से सराही जाती है।

Join WhatsApp

Join Now