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सोना ₹1 लाख के पार! ट्रंप की नीतियों से बाजार में भूचाल, निवेशकों की पहली पसंद बना गोल्ड

On: April 22, 2025 11:55 AM
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Gold crosses ₹ 1 lakh! Trump's policies cause a stir in the market, gold becomes the first choice of investors
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Key Highlights (मुख्य बातें):

  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की व्यापार नीतियों से बाजारों में हड़कंप
  • भारत में सोना पहली बार ₹1 लाख के पार
  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सोने की मांग तेज
  • 2024 में अब तक 26.41% बढ़ चुके हैं सोने के दाम
  • निवेशकों के लिए सोना बन रहा है सुरक्षित विकल्प

Trump shakes markets” की आंधी में चमका सोना, भारत में पहली बार ₹1 लाख के पार पहुंचे दाम

ट्रंप की उलझी नीतियों और वैश्विक अनिश्चितता के बीच, भारतीयों ने सोने को चुना भरोसेमंद साथी।

जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और व्यापारिक फैसले वैश्विक बाजारों को हिला देते हैं, तो आम निवेशक एक बार फिर उसी पुराने लेकिन भरोसेमंद विकल्प की ओर लौटता है सोना।

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21 अप्रैल को भारत में सोने के दाम इतिहास में पहली बार ₹1 लाख के पार चले गए। जो कभी त्योहारों और शादियों की शान माना जाता था, वो अब निवेशकों की सबसे सुरक्षित शरणस्थली बन गया है।

कितना महंगा हुआ सोना?

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक:

  • 99.99% शुद्ध सोना ₹99,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा
  • 99.5% शुद्ध सोना ₹99,300 प्रति 10 ग्राम तक गया
  • GST के साथ: 99.99% शुद्धता वाला सोना ₹1,02,794 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया

यानी अब सोने की कीमत ₹1 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है, और इसकी वजह सिर्फ भारत में मांग नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक तनाव है।

ट्रंप की नीतियों का असर

डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर, फेडरल रिज़र्व पर दबाव और अनिश्चित बयानबाज़ी ने अमेरिकी बाजारों को झटका दिया:

  • Dow Jones: -2.5%
  • S&P 500: -2.4%
  • NASDAQ: -2.6%

इस अस्थिरता ने सोने को एक बार फिर “Safe Haven Asset” बना दिया है।

विश्व स्तर पर क्या स्थिति है?

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें $3,494.66 प्रति औंस तक पहुंच गईं
  • भारत में 2024 में अब तक 26.41% की वृद्धि दर्ज की गई है
  • 13.8% सालाना रिटर्न देकर सोना BSE Sensex के मुकाबले कहीं नहीं पीछे है

Gold crosses ₹ 1 lakh! Trump's policies cause a stir in the market, gold becomes the first choice of investors

विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?

Renisha Chainani, रिसर्च हेड, Augmont:

“अमेरिका की व्यापार नीतियों, महंगाई के दबाव और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने सोने की कीमतों को नई ऊंचाई दी है।”

मेरे जैसे कई निवेशकों के लिए, सोना न सिर्फ जेवरात है बल्कि एक “भरोसेमंद बीमा” भी है। जब बाजार गिरते हैं और डॉलर कमजोर होता है, तब यही पीली धातु दिल को सुकून देती है।

अगर आप निवेशक हैं और अस्थिर बाजारों से बचना चाहते हैं, तो अब भी समय है कि आप सोने में निवेश करें। फिजिकल हो, ETF हो या डिजिटल गोल्ड। लेकिन निर्णय लेने से पहले एक योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श ज़रूर करें।

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Shubham

शुभम झोपे एक प्रतिष्ठित लेखक हैं जो "ख़बर हरतरफ़" के लिए नियमित रूप से लेख लिखते हैं। उनकी लेखनी में समकालीन मुद्दों पर गहन विश्लेषण और सूक्ष्म दृष्टिकोण देखने को मिलता है। शुभम की लेखन शैली सहज और आकर्षक है, जो पाठकों को उनके विचारों से जोड़ देती है। शेयर बाजार, उद्यमिता और व्यापार में और सांस्कृतिक विषयों पर उनकी लेखनी विशेष रूप से सराही जाती है।

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