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गुजरात में 3,300 करोड़ रुपये का कैन्स चिप प्लांट | भारत का सेमीकंडक्टर मिशन

On: September 3, 2024 10:56 AM
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Rs 3,300 crore CANS chip plant in Gujarat | India's Semiconductor Mission
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भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग को एक और महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है। हाल ही में कैन्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड (Kaynes Semicon Pvt Ltd) को गुजरात के साणंद में 3,300 करोड़ रुपये की लागत से एक सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग प्लांट स्थापित करने की मंजूरी मिली है। यह प्लांट भारत सरकार की सेमीकंडक्टर मिशन योजना के तहत स्वीकृत होने वाला पाँचवाँ प्लांट होगा, जिसका उद्देश्य देश को एक सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र बनाना है।

कैन्स का महत्वाकांक्षी कदम

कर्नाटक स्थित कैन्स टेक्नोलॉजी का यह नया उपक्रम प्रतिदिन 60 लाख चिप्स का उत्पादन करेगा, जो विभिन्न उद्योगों जैसे औद्योगिक उपकरण, ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रिक वाहन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम और मोबाइल फोन के लिए आवश्यक होंगे। साणंद में इस प्लांट के निर्माण के लिए 46 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है।

यह प्लांट अन्य प्रमुख चिप निर्माताओं जैसे कि मुरुगप्पा ग्रुप के सीजी पावर और अमेरिकी कंपनी माइक्रोन के साथ स्थित होगा, जो पहले ही साणंद में अपने सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने की घोषणा कर चुके हैं। इस कदम से न केवल भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी देश की महत्वपूर्ण भूमिका स्थापित होगी।

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सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत

भारत सरकार ने दिसंबर 2021 में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए 76,000 करोड़ रुपये की योजना के साथ सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत की थी। इस योजना के अंतर्गत भारत में चार अन्य असेंबली यूनिट्स और एक चिप निर्माण यूनिट को मंजूरी दी जा चुकी है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा ताइवान के पॉवरचिप के साथ मिलकर 11 अरब डॉलर के फेब्रिकेशन प्लांट के साथ-साथ टाटा, यूएस-आधारित माइक्रोन टेक्नोलॉजी और मुरुगप्पा ग्रुप के सीजी पावर द्वारा विभिन्न चिप असेंबली प्लांट्स भी स्थापित किए जा रहे हैं।

भविष्य के लिए योजनाएं और अपेक्षाएं

कैन्स सेमीकॉन के सीईओ रघु पनिकर ने बताया कि इस प्लांट की योजना पहले तेलंगाना में थी, लेकिन बाद में इसे गुजरात में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया। यह कदम भारत में बढ़ती सेमीकंडक्टर आवश्यकता और तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। प्लांट के निर्माण की शुरुआत के साथ ही इस क्षेत्र में 1,000 से अधिक नौकरियों के सृजन की भी संभावना है।

कैन्स ने पहले ही तेलंगाना में अपने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) प्लांट में 2,800 करोड़ रुपये का निवेश किया था, और अब गुजरात में लगभग 5,000 करोड़ रुपये की लागत से नया OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) केंद्र स्थापित किया जा रहा है।

भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग: एक उभरती हुई शक्ति

भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है। सरकार की सक्रिय भागीदारी और विभिन्न उद्योगपतियों की निवेश योजनाएं देश को सेमीकंडक्टर निर्माण में एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। साणंद में स्थापित होने वाले इन यूनिट्स की संयुक्त उत्पादन क्षमता 7 करोड़ चिप्स प्रतिदिन की होगी। इनसे भारत को न केवल आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएंगे।

इस समय भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2030 तक 100 अरब डॉलर का होने की संभावना है। यह विकास सिर्फ उद्योग जगत के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश की आर्थिक स्थिति के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।

निष्कर्ष

कैन्स टेक्नोलॉजी का यह नया प्लांट भारत के सेमीकंडक्टर निर्माण मिशन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह न केवल देश के तकनीकी विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा। सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास के साथ, भारत अपने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को सफल बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा चुका है।

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Gunvant

गुणवंत एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो सटीक और रोचक खबरें प्रस्तुत करने में माहिर हैं। समसामयिक मुद्दों पर उनकी गहरी समझ और सरल लेखन शैली पाठकों को आकर्षित करती है। साथ ही वे क्रिकेट में अपनी रूचि रखते है। गुणवंत का लक्ष्य समाज को जागरूक और प्रेरित करना है। वे हमेशा निष्पक्षता और सच्चाई को प्राथमिकता देते हैं।

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