Tesla के सीईओ Elon Musk को एक बार फिर झटका लगा है। डेलावेयर चांसरी कोर्ट की जज कैथलीन एस. जे. मैककॉमिक ने Musk के $56 बिलियन के रिकॉर्ड-सेटिंग पे पैकेज को खारिज कर दिया है। यह फैसला दूसरी बार आया है, जो जनवरी में हुए उनके पहले निर्णय को दोहराता है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने पाया कि Tesla के बोर्ड को इस भुगतान योजना को स्वीकार करने के लिए “गलत तरीके से प्रभावित” किया गया था। जज मैककॉमिक ने अपने 101-पृष्ठ के फैसले में लिखा, “बोर्ड के पास Musk को भुगतान करने के लिए उपयुक्त राशि चुनने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने Musk की शर्तों के आगे घुटने टेक दिए।”
पे पैकेज पर विवाद
Elon Musk का यह पे पैकेज 2018 में पेश किया गया था, जो पहले $2.6 बिलियन था और बाद में $56 बिलियन तक पहुंच गया। हाल ही में, इसका मूल्य $101.5 बिलियन तक पहुंच चुका था। हालांकि, अदालत ने इसे रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद Tesla के शेयर आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में गिर गए।
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शेयरधारकों का समर्थन, लेकिन जज का फैसला
यह पे पैकेज Musk के लिए एक ऐतिहासिक भुगतान योजना थी, जिसे अमेरिकी कॉर्पोरेट इतिहास में सबसे बड़ा माना गया। हालांकि, कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया और कहा कि Tesla के बोर्ड पर Musk का अनुचित दबाव था।
Tesla ने इस फैसले को डेलावेयर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की योजना बनाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अपील की प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं।
Musk की प्रतिक्रिया
Musk ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “पूर्ण भ्रष्टाचार” कहा।
क्या Musk की संपत्ति पर असर पड़ेगा?
फैसले के बावजूद Elon Musk अभी भी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। Tesla के शेयरों में वृद्धि और उनके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप के नए फंडिंग राउंड ने Musk की संपत्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
आगे का रास्ता
यदि कोर्ट का यह फैसला बरकरार रहता है, तो Tesla के बोर्ड को Musk के लिए नई भुगतान योजना बनानी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला लंबे समय तक कानूनी बहस का विषय रहेगा।
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