श्री बजरंग बाण का संपूर्ण पाठ: महत्व और लाभ | Bajrang Ban In Hindi

जानिए श्री बजरंग बाण के पाठ का महत्व और लाभ, बजरंग बाण का पाठ करने से आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और श्री हनुमानजी की कृपा की अनुभूति हो सकती है।

श्री बजरंग बाण का संपूर्ण पाठ: महत्व और लाभ | Bajrang Ban In Hindi
श्री बजरंग बाण का संपूर्ण पाठ: महत्व और लाभ | Bajrang Ban In Hindi

भगवान श्री हनुमानजी का नाम तो सभी जानते हैं। वे देवी सीता के लाल और पवनपुत्र हैं, जिनकी महान कथाएं आज भी हमारे जीवन में नई ऊर्जा और शक्ति का संदेश देती हैं। श्री हनुमानजी के नाम से जुड़े कई मंत्र, जैसे कि “हनुमान चालीसा”, “बजरंग बाण”, “बजरंग बाण का पाठ”, आदि हमारे समाज में विशेष महत्व रखते हैं। इस लेख में हम श्री बजरंग बाण के पाठ के महत्व और लाभों पर विचार करेंगे।

बजरंग बाण एक प्राचीन मंत्र है, जो श्री हनुमानजी के शक्ति और उनकी रक्षा के लिए प्रयोग किया जाता है। यह मंत्र संक्षिप्त और प्रभावी होता है, जिसे पढ़कर श्रद्धालु अपनी संकटों से मुक्ति प्राप्त करते हैं। बजरंग बाण का पाठ करने से मन शांत होता है और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है।

बजरंग बाण का पाठ कैसे करें:

  1. पहले तो, एक साफ़ और शुद्ध मन से श्री हनुमानजी की पूजा करें।
  2. फिर, बजरंग बाण का पाठ करने से पहले, अपने संकल्प का निर्धारण करें कि आप इसे भक्ति और श्रद्धा से कर रहे हैं।
  3. अब बजरंग बाण का पाठ शुरू करें, समय के अनुसार ध्यान रखते हुए और सावधानी से।
  4. मंत्र को अधिक से अधिक बार पाठ करें, जो भी संभव हो सके।

इस प्रकार, बजरंग बाण का पाठ करने से आपको मानसिक और आध्यात्मिक शांति मिलेगी, और आप अपने जीवन में स्थिरता और सफलता प्राप्त कर सकेंगे।

श्री बजरंग बाण का पाठ | Bajrang Ban in Hindi 

॥ दोहा ॥

निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करै सनमान।
तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥

॥ चौपाई ॥

जय हनुमन्त सन्त हितकारी।सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥
जन के काज विलम्ब न कीजै।आतुर दौरि महा सुख दीजै॥
जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा।सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥
आगे जाय लंकिनी रोका।मारेहु लात गई सुर लोका॥
जाय विभीषण को सुख दीन्हा।सीता निरखि परम पद लीन्हा॥
बाग उजारि सिन्धु महं बोरा।अति आतुर यम कातर तोरा॥
अक्षय कुमार मारि संहारा।लूम लपेटि लंक को जारा॥
लाह समान लंक जरि गई।जय जय धुनि सुर पुर महं भई॥
अब विलम्ब केहि कारण स्वामी।कृपा करहुं उर अन्तर्यामी॥
जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता।आतुर होइ दु:ख करहुं निपाता॥
जय गिरिधर जय जय सुख सागर।सुर समूह समरथ भटनागर॥
ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले।बैरिहिं मारू बज्र की कीले॥
गदा बज्र लै बैरिहिं मारो।महाराज प्रभु दास उबारो॥
ॐकार हुंकार महाप्रभु धावो।बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो॥
ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमन्त कपीसा।ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा॥
सत्य होउ हरि शपथ पायके।रामदूत धरु मारु धाय के॥
जय जय जय हनुमन्त अगाधा।दु:ख पावत जन केहि अपराधा॥
पूजा जप तप नेम अचारा।नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥
वन उपवन मग गिरि गृह माहीं।तुमरे बल हम डरपत नाहीं॥
पाय परौं कर जोरि मनावों।यह अवसर अब केहि गोहरावों॥
जय अंजनि कुमार बलवन्ता।शंकर सुवन धीर हनुमन्ता॥
बदन कराल काल कुल घालक।राम सहाय सदा प्रतिपालक॥
भूत प्रेत पिशाच निशाचर।अग्नि बैताल काल मारीमर॥
इन्हें मारु तोहि शपथ राम की।राखु नाथ मरजाद नाम की॥
जनकसुता हरि दास कहावो।ताकी शपथ विलम्ब न लावो॥
जय जय जय धुनि होत अकाशा।सुमिरत होत दुसह दु:ख नाशा॥
चरण शरण करि जोरि मनावों।यहि अवसर अब केहि गोहरावों॥
उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई।पांय परौं कर जोरि मनाई॥
ॐ चं चं चं चं चपल चलन्ता।ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता॥
ॐ हं हं हांक देत कपि चञ्चल।ॐ सं सं सहम पराने खल दल॥
अपने जन को तुरत उबारो।सुमिरत होय आनन्द हमारो॥
यहि बजरंग बाण जेहि मारो।ताहि कहो फिर कौन उबारो॥
पाठ करै बजरंग बाण की।हनुमत रक्षा करै प्राण की॥
यह बजरंग बाण जो जापै।तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे॥
धूप देय अरु जपै हमेशा।ताके तन नहिं रहे कलेशा॥

॥ दोहा ॥

प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै,सदा धरै उर ध्यान।
तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥

बजरंग बाण पाठ:

बजरंग बाण से क्या फायदा होता है?

बजरंग बाण के पाठ से अनेक संकटों से मुक्ति मिलती है। अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से बजरंग बाण का पाठ करता है, तो उसे श्री हनुमानजी की कृपा सदैव मिलती रहती है।

ध्यान दें कि बजरंग बाण का पाठ करने से पहले, आपको इस मंत्र का पूरा ज्ञान होना चाहिए और इसे शुद्धता और निष्कलंकता के साथ पढ़ना चाहिए। इसके अलावा, यह महत्वपूर्ण है कि आप इसे किसी गुरु या आध्यात्मिक गाइड के पर्याप्त दिशा-निर्देश के साथ करें।

श्री बजरंग बाण का पाठ करने से हमारे जीवन में न केवल मानसिक शांति और आनंद मिलता है, बल्कि यह शरीर को भी स्वस्थ और ऊर्जावान बनाता है। बजरंग बाण का प्रयोग रोगनिवारण में भी किया जाता है, और इसे लोग बच्चों को नजर लगने से रक्षा के लिए भी प्रयोग करते हैं।

बजरंग बाण का पाठ करने से पहले, आपको इस मंत्र के अर्थ और महत्व को समझना चाहिए। यह मंत्र आध्यात्मिक शक्ति को समर्पित है और इसका प्रयोग शुद्ध भावना और विश्वास के साथ करना चाहिए। अगर आप नियमित रूप से बजरंग बाण का पाठ करते हैं, तो आपके जीवन में समृद्धि, सुख, और सफलता की क्षमता बढ़ जाती है।

इस प्रकार, श्री बजरंग बाण का पाठ करने से हम अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सफल हो सकते हैं और श्री हनुमानजी की कृपा को प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए, यह उपाय हमें मानसिक, शारीरिक, और आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्धि और सम्पूर्णता की दिशा में आगे बढ़ने में सहायक हो सकता है।

अतः, आप सभी से निवेदन है कि श्री बजरंग बाण का पाठ नियमित रूप से करें और इसके शक्ति और महिमा का अनुभव करें। यह आपके जीवन को संतुलित, समृद्ध, और खुशहाल बनाने में सहायक होगा।

बजरंग बाण पाठ के दौरान भूलकर भी ना करें ये गलतियां:

बजरंग बाण का पाठ करते समय कुछ गलतियों से बचने के लिए आपको ध्यान देना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि हनुमान जी को नाराज करने से बजरंग बाण का प्रभाव व्यर्थ हो सकता है। निम्नलिखित गलतियों से बचने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. अविश्वास (श्रद्धा के अभाव में): बजरंग बाण का पाठ करते समय, आपको पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करना चाहिए। इसे केवल अविश्वास या असहीष्णुता से नहीं करना चाहिए।
  2. मानसिक अशुद्धि (क्रोध, इर्ष्या, आलस्य आदि): पाठ करते समय, आपको मानसिक अशुद्धियों से दूर रहना चाहिए। यदि आप में क्रोध, इर्ष्या, आलस्य, अशुभ भावनाएं हैं, तो पहले इन्हें दूर करें और फिर पाठ करें।
  3. अनुचित विचार (अशुद्ध मनोवृत्ति): बजरंग बाण का पाठ करते समय, आपको अनुचित विचारों को दूर रखना चाहिए। नकारात्मकता, अशुभ इच्छाएं, या किसी के प्रति अन्यायपूर्ण भावनाएं नहीं होनी चाहिए।
  4. असमायिकता (बेताबी या अस्थिरता): पाठ के समय, आपको शांति, स्थिरता, और ध्यान में रहना चाहिए। अगर आप में असमायिकता है, तो पहले इसे दूर करें और फिर पाठ करें।
  5. अनादर (भक्ति के लिए अनदेखा करना): हनुमान जी के प्रति अनादर करना या उन्हें भक्ति के लिए अनदेखा करना गलत है। पाठ करते समय, उनके प्रति पूर्ण समर्पण और आदर रखना चाहिए।

इन गलतियों से बचकर, आप बजरंग बाण का पाठ सही और प्रभावी ढंग से कर सकते हैं और हनुमान जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप इन नियमों का पालन करेंगे, तो आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और समृद्धि की क्षमता बढ़ जाएगी। जय बजरंग बली!

इस लेख में दी गई जानकारी का सही और सत्यापित होना जरूरी है, इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि अपने आध्यात्मिक गुरु या आध्यात्मिक गाइड की सलाह और दिशा में इसे प्रयोग करें।

आप सभी को श्री हनुमानजी की कृपा सदैव बनी रहे। जय बजरंग बली!

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