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शाहरुख़ ख़ान की ‘चक दे इंडिया’ पर अन्‍नू कपूर का आरोप: ‘मुस्लिम को अच्छा दिखाते हैं और पंडित का मज़ाक उड़ाते हैं’

On: October 25, 2024 9:20 AM
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Annu Kapoor's allegation on Shahrukh Khan's 'Chak De India': 'It shows Muslims in a good light and makes fun of Pandits'
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अनुभवी अभिनेता अन्‍नू कपूर ने हाल ही में फिर से विवाद को जन्म दिया है। उन्होंने शाहरुख़ ख़ान की प्रसिद्ध फ़िल्म ‘चक दे इंडिया’ के निर्माताओं पर आरोप लगाया है कि वे किसी धार्मिक एजेंडे को फिट करने की कोशिश कर रहे थे। उनका दावा है कि फिल्म के मुख्य किरदार को जानबूझकर एक मुस्लिम के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि असल जीवन में वह किरदार एक हिंदू था।

2007 में आई इस फ़िल्म में शाहरुख़ ख़ान ने कबीर ख़ान नाम के एक पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी का किरदार निभाया था, जिसे पाकिस्तान के खिलाफ मैच हारने के बाद ग़द्दार कहा जाता है। इसके बाद वह भारतीय महिला हॉकी टीम का कोच बनता है, और टीम को जीत की ओर ले जाता है।

अन्‍नू कपूर का आरोप

अन्‍नू कपूर ने यह आरोप लगाया कि कबीर ख़ान का किरदार असल में भारतीय हॉकी कोच मीर रंजन नेगी पर आधारित था, जो हिंदू थे, लेकिन फ़िल्म में इसे मुस्लिम बना दिया गया। उन्होंने कहा, “मुख्य किरदार नेगी साब पर आधारित था, लेकिन यहां मुस्लिम को अच्छा दिखाने और पंडित का मज़ाक उड़ाने का प्रयास किया गया है। यह कोई नई बात नहीं है, जहाँ गंगा-जमुनी तहज़ीब (हिंदू-मुस्लिम एकता) के नाम पर इसे प्रस्तुत किया जाता है।”

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हालांकि, फिल्म के लेखक जयदीप साहनी ने एक अलग ही दृष्टिकोण पेश किया है। उन्होंने कहा कि कबीर ख़ान का किरदार मीर रंजन नेगी से प्रेरित नहीं था। यह एक काल्पनिक किरदार था जिसे लिखने के बाद ही नेगी से मुलाकात हुई। नेगी ने बाद में फ़िल्म के विकास में मदद की और टीम कोचिंग में सहयोग भी किया​।

‘चक दे इंडिया’ के बारे में

‘चक दे इंडिया’ एक स्पोर्ट्स ड्रामा फ़िल्म है जो खेल के माध्यम से समाज में फैली धार्मिक और लैंगिक भेदभाव की समस्याओं को छूती है। फ़िल्म ने न केवल आलोचनात्मक सराहना पाई, बल्कि यह बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही। इस फ़िल्म ने शाहरुख़ ख़ान की दमदार परफॉर्मेंस और प्रेरणादायक कहानी के कारण एक खास पहचान बनाई। इसके अलावा, यह फ़िल्म महिला हॉकी टीम को समाज के पूर्वाग्रहों से लड़ते हुए जीत दिलाने की कहानी है​।

अनु कपूर द्वारा दिए गए बयान ने इस फ़िल्म पर फिर से ध्यान आकर्षित किया है, लेकिन इस आरोप पर कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं कि फ़िल्म के निर्माताओं ने किसी विशेष धार्मिक एजेंडे को पेश करने की कोशिश की हो। फ़िल्म का मूल उद्देश्य टीम वर्क, जज़्बा, और देशभक्ति को दर्शाना था, और यह संदेश फ़िल्म की सफलता का बड़ा कारण बना।

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Gunvant

गुणवंत एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो सटीक और रोचक खबरें प्रस्तुत करने में माहिर हैं। समसामयिक मुद्दों पर उनकी गहरी समझ और सरल लेखन शैली पाठकों को आकर्षित करती है। साथ ही वे क्रिकेट में अपनी रूचि रखते है। गुणवंत का लक्ष्य समाज को जागरूक और प्रेरित करना है। वे हमेशा निष्पक्षता और सच्चाई को प्राथमिकता देते हैं।

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