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कैडबरी कंपनी में गौ मास का उपयोग? भारतीयों के अनजाने रहस्य का खुलासा!

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हाल ही में सोशल मीडिया पर कैडबरी के उत्पादों में बीफ से प्राप्त जिलेटिन के उपयोग को लेकर एक गंभीर विवाद उभरा। इस दावे ने विशेष रूप से हिंदू उपभोक्ताओं के बीच चिंता और गुस्से को जन्म दिया, क्योंकि हिंदू धर्म में बीफ का सेवन सख्त वर्जित है। इस मुद्दे ने कई उपभोक्ताओं को कैडबरी के उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए प्रेरित किया।

कैडबरी कंपनी कहा की है?

कैडबरी एक ब्रिटिश कंपनी है। इसे 1824 में यूनाइटेड किंगडम के बर्मिंघम शहर में स्थापित किया गया था। यह कंपनी दुनिया भर में चॉकलेट, मिठाई और कन्फेक्शनरी उत्पादों के लिए प्रसिद्ध है। वर्तमान में, कैडबरी मोंडेलेज इंटरनेशनल की सहायक कंपनी है।

विवाद की जड़

सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया था कि कैडबरी अपने उत्पादों में हलाल प्रमाणित जिलेटिन का उपयोग करता है जो बीफ से प्राप्त होता है। यह स्क्रीनशॉट ऑस्ट्रेलियाई वेबसाइट से लिया गया था, जहाँ स्पष्ट रूप से कहा गया था कि ऑस्ट्रेलिया में बने कैडबरी उत्पादों में यदि जिलेटिन का उपयोग होता है, तो वह हलाल प्रमाणित और बीफ से प्राप्त होता है​।

Vijay
Image Source: vishvasnews

हिन्दू दृष्टिकोण से समस्या

हिंदू धर्म में गौमांस का सेवन न केवल धार्मिक रूप से प्रतिबंधित है, बल्कि यह आस्था और संस्कृति के खिलाफ भी है। इसलिए, जब ऐसी खबरें आईं कि कैडबरी के कुछ उत्पादों में बीफ से प्राप्त जिलेटिन हो सकता है, तो यह हिंदू उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गया। भले ही यह दावा भारतीय उत्पादों पर लागू नहीं होता हो, लेकिन यह विवाद हिन्दू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला था।

सत्यापन का महत्व

हालांकि कैडबरी इंडिया ने यह स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा भारत में बनाए और बेचे जाने वाले सभी उत्पाद 100% शाकाहारी हैं और उनमें बीफ या उससे प्राप्त किसी भी सामग्री का उपयोग नहीं होता है, फिर भी उपभोक्ताओं के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचे जाने वाले कुछ कैडबरी उत्पादों में बीफ से प्राप्त जिलेटिन का उपयोग हो सकता है​ इस संदर्भ में, यह जानना महत्वपूर्ण है कि कैडबरी की ऑस्ट्रेलियाई वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि कुछ उत्पादों में हलाल प्रमाणित बीफ से प्राप्त जिलेटिन का उपयोग होता है। अधिक जानकारी के लिए, आप इस ऑस्ट्रेलियाई वेबसाइट पर देख सकते हैं।

निष्कर्ष

यह विवाद दिखाता है कि कैसे वैश्विक ब्रांड्स की अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय नीतियों के बीच अंतर हो सकता है, और इसे समझना उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। हिंदू उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहना चाहिए कि वे जो उत्पाद खरीद रहे हैं, वे उनकी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप हैं। साथ ही, सोशल मीडिया पर फैलने वाली जानकारी की सत्यता की जांच करना भी आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी और भ्रम से बचा जा सके।

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Gunvant

गुणवंत एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो सटीक और रोचक खबरें प्रस्तुत करने में माहिर हैं। समसामयिक मुद्दों पर उनकी गहरी समझ और सरल लेखन शैली पाठकों को आकर्षित करती है। साथ ही वे क्रिकेट में अपनी रूचि रखते है। गुणवंत का लक्ष्य समाज को जागरूक और प्रेरित करना है। वे हमेशा निष्पक्षता और सच्चाई को प्राथमिकता देते हैं।

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